केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों यानी Central Armed Police Forces (CAPF) में प्रशासनिक स्टाफ बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया है। जानकारी के मुताबिक Ministry of Finance ने अतिरिक्त ‘बाबू’ या क्लेरिकल पदों को बढ़ाने से जुड़े प्रस्ताव को वापस लौटा दिया है। मंत्रालय ने कहा है कि नए पद सृजित करने के बजाय मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग और प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया जाए।
सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय ने सलाह दी है कि CAPF में प्रशासनिक कार्यों को तकनीक आधारित बनाया जाए, जिससे कार्यकुशलता बढ़े और अनावश्यक खर्च से बचा जा सके। मंत्रालय का मानना है कि मानव संसाधन बढ़ाने के बजाय सिस्टम सुधार और ई-ऑफिस जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करना ज्यादा प्रभावी होगा।
इस फैसले का असर विभिन्न केंद्रीय बलों की प्रशासनिक संरचना पर पड़ सकता है। सरकार का फोकस फिलहाल राजकोषीय अनुशासन और खर्च में कटौती पर है, साथ ही सुरक्षा बलों की परिचालन क्षमता को प्रभावित किए बिना संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।


