देश में ड्रोन सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक भारत में 38,500 से अधिक ड्रोन और करीब 40 हजार रिमोट पायलट पंजीकृत हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी Directorate General of Civil Aviation (DGCA) के तहत ड्रोन पंजीकरण और रिमोट पायलट लाइसेंसिंग की प्रक्रिया को सरल बनाने के बाद इस क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
ड्रोन का उपयोग अब केवल फोटोग्राफी या सर्वेक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग, आपदा प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में बढ़ा है। सरकार की ड्रोन नीति और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के चलते घरेलू कंपनियां भी इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ड्रोन टेक्नोलॉजी रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार का बड़ा माध्यम बन सकती है।


