अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में प्रस्तावित ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को National Green Tribunal (NGT) से मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद यह बहुचर्चित परियोजना फिर सुर्खियों में आ गई है। यह प्रोजेक्ट Great Nicobar Island में एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, एयरपोर्ट, पावर प्लांट और टाउनशिप के विकास से जुड़ा है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को मजबूत करेगी और व्यापारिक गतिविधियों को नया आयाम देगी।
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हालांकि, पर्यावरणविदों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस प्रोजेक्ट का विरोध किया है। उनका तर्क है कि इससे जैव विविधता, मैंग्रोव वन और स्थानीय जनजातीय समुदायों पर असर पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि सभी पर्यावरणीय मानकों और शर्तों का पालन किया जाएगा। रणनीतिक दृष्टि से यह परियोजना मलक्का जलडमरूमध्य के पास भारत की उपस्थिति को सशक्त करने वाली मानी जा रही है, लेकिन पर्यावरण और विकास के संतुलन को लेकर बहस जारी है।


