नई दिल्ली। भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिलने जा रही है। राफेल लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल होने वाली घातक ‘हैमर’ मिसाइल अब भारत में निर्मित की जाएगी। यह प्रस्ताव भारत-फ्रांस रक्षा संवाद के दौरान आगे बढ़ाया जाएगा, जिसमें प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन पर सहमति बनने की उम्मीद है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत इस कदम को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
‘हैमर’ (Highly Agile Modular Munition Extended Range) एक अत्याधुनिक प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइल है, जिसे Safran समूह की सहायक कंपनी Safran Electronics & Defense विकसित करती है। यह मिसाइल Dassault Rafale लड़ाकू विमान के साथ एकीकृत है और कठिन भूभाग या खराब मौसम में भी सटीक वार करने में सक्षम है। इसकी मारक क्षमता और बहुउद्देश्यीय उपयोगिता इसे आधुनिक युद्धक्षेत्र में बेहद प्रभावी बनाती है।
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रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में ‘हैमर’ मिसाइल का निर्माण न केवल आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा, बल्कि भारतीय रक्षा उद्योग और निजी क्षेत्र को भी नई तकनीकी क्षमता प्रदान करेगा। भारत और फ्रांस के बीच बढ़ता रणनीतिक सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा संतुलन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


