जर्मनी के शहर Munich में ईरान के मुद्दे को लेकर विशाल प्रदर्शन देखने को मिला। ईरान के निर्वासित युवराज Reza Pahlavi की अपील पर करीब 2.5 लाख लोग सड़कों पर उतरे और तेहरान की मौजूदा नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक सुधारों और मानवाधिकारों की बहाली की मांग की।
रैली में बड़ी संख्या में ईरानी प्रवासी समुदाय के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ईरान में राजनीतिक बंदियों की रिहाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग की। रेज़ा पहलवी ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान पर दबाव बढ़ाने की अपील की, ताकि वहां राजनीतिक बदलाव का रास्ता साफ हो सके।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े प्रदर्शन से ईरान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ सकता है। यूरोप में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को तेहरान की आंतरिक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। म्यूनिख में आयोजित यह रैली ईरान से जुड़े वैश्विक विमर्श को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।


