खाड़ी देशों में नौकरी के नाम पर कथित ‘जॉब ट्रैप’ का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ पूर्व सैनिकों को आकर्षक वेतन और सुरक्षा संबंधी भूमिकाओं का लालच देकर विदेश बुलाया गया, जहां उनसे संवेदनशील जानकारी जुटाने या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का दबाव डाला गया। इनकार करने पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की आशंका जताई गई है।
सूत्रों का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (आईएसआई) का हाथ हो सकता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां संभावित लिंक और संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को कथित ‘टॉर्चर सेल’ में रखने और दबाव बनाने की भी कोशिश की गई।
विशेषज्ञों ने पूर्व सैनिकों और सुरक्षा पृष्ठभूमि वाले पेशेवरों को विदेश में नौकरी स्वीकार करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करने की सलाह दी है। सरकार की ओर से भी सतर्कता बरतने और संदिग्ध ऑफर मिलने पर संबंधित दूतावास या अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की गई है। मामले की जांच जारी है और आधिकारिक एजेंसियों के बयान का इंतजार किया जा रहा है।


