भारत में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़े विज़न और रणनीतिक पहल की झलक देखने को मिली। सम्मेलन में सरकार ने संकेत दिया कि एआई के जरिए देश रक्षा, अंतरिक्ष और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी में है। भारत का लक्ष्य एआई को सिर्फ स्टार्टअप और उद्योग तक सीमित न रखकर राष्ट्रीय सुरक्षा और उन्नत तकनीकी प्रणालियों से जोड़ना है।
समिट के दौरान अंतरिक्ष सुरक्षा और स्मार्ट सैटेलाइट सिस्टम पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि एआई आधारित तकनीक से उपग्रहों की निगरानी, डेटा विश्लेषण और संभावित खतरों की पहचान अधिक सटीक और तेज़ी से की जा सकेगी। इससे अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा मजबूत होगी और संचार, मौसम पूर्वानुमान व रक्षा क्षमताओं को नई मजबूती मिलेगी। भारत पहले ही Indian Space Research Organisation के माध्यम से अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है, और अब एआई के एकीकरण से यह क्षमता और बढ़ने की उम्मीद है।
विश्लेषकों का मानना है कि एआई और अंतरिक्ष तकनीक का यह संगम भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिला सकता है। स्मार्ट उपग्रहों और स्वचालित सुरक्षा प्रणालियों की दिशा में उठाया गया यह कदम न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने में भी देश को सक्षम बनाएगा।


