पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी और सामरिक मजबूती को नई रफ्तार देने के लिए ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे ट्विन ट्यूब सुरंग बनाने की योजना पर काम तेज हो गया है। यह सुरंग असम में Brahmaputra River के नीचे बनाई जाएगी, जिससे दोनों किनारों के बीच आवागमन आसान और तेज होगा। परियोजना को बुनियादी ढांचे के लिहाज से ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
ट्विन ट्यूब सुरंग का मतलब है कि दो समानांतर सुरंगें बनाई जाएंगी—एक आने और एक जाने वाले यातायात के लिए। इससे न केवल ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि आपात स्थिति में वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना सीमावर्ती इलाकों तक सेना और आवश्यक संसाधनों की तेज आवाजाही सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी, जिससे सामरिक दृष्टि से भारत की स्थिति मजबूत होगी।
इसके अलावा, सुरंग के निर्माण से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से यात्रा समय कम होगा और लोगों को सालभर सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी, खासकर मानसून के दौरान जब नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। यह परियोजना पूर्वोत्तर के विकास और राष्ट्रीय एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।


