ओवेरियन कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे खतरनाक कैंसरों में से एक माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, जिससे समय पर पहचान करना मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक इसके लक्षण गंभीर रूप में सामने आते हैं, तब तक बीमारी कई मामलों में आगे बढ़ चुकी होती है। यही वजह है कि इसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है।
शुरुआती संकेतों में पेट फूलना, लगातार पेट या पेल्विक दर्द, भूख कम लगना, जल्दी पेट भर जाना, बार-बार पेशाब आना या थकान शामिल हो सकते हैं। अक्सर महिलाएं इन लक्षणों को सामान्य गैस, हार्मोनल बदलाव या पाचन संबंधी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं या जिनके परिवार में कैंसर का इतिहास रहा हो, उन्हें विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
डॉक्टरों का कहना है कि नियमित हेल्थ चेकअप, पेल्विक जांच और जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड या अन्य परीक्षणों से समय रहते बीमारी का पता लगाया जा सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और जागरूकता इस गंभीर बीमारी से बचाव की दिशा में अहम कदम हो सकते हैं। किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लेना ही सुरक्षित विकल्प है।


