Balochistan Vs Pakistan: बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के सामने असीम मुनीर की सेना ने सरेंडर कर दिया है। पाकिस्तानी सैनिकों ने बीएलए लड़ाकों के सामने घुटने के बल बैठकर सरेंडर कर दिया है। इससे मुनीर और शहबाज की अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती हो रही है। बलूचिस्तान ने 7 पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक बनाने के बाद पाकिस्तान सरकार को बड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। पाकिस्तानी सैनिकों के सरेंडर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर मुनीर और शहबाज की गीदड़भभकियों की कलई खोल रही हैं।
पाकिस्तान को 7 दिनों का अल्टीमेटम
मुनीर की सेना को घुटने टेकवाने के बाद बीएलए के लड़ाकों ने पाकिस्तान को सात दिनों का अल्टीमेटम जारी किया है, जिसमें उन्होंने सात पाकिस्तानी सैन्य कर्मियों को बंदी बनाए जाने का दावा किया है और इनके बदले कैदियों की अदला-बदली की मांग की है। बीएलए के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा है कि उनके लड़ाकों ने हाल ही में एक ऑपरेशन में सात पाकिस्तानी सेना के जवानों को बंधक बनाया है। वे इन्हें ‘युद्धबंदी’ (प्रिजनर्स ऑफ वॉर) मानते हैं। बीएलए ने पाकिस्तानी सरकार और सेना को चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर बलूच राजनीतिक कैदियों, लापता व्यक्तियों और अन्य बंदियों की रिहाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो इन सैनिकों को ‘बलूच नेशनल कोर्ट’ में ट्रायल के बाद सजा दी जा सकती है या उन्हें मार दिया जाएगा।
Big breaking 🚨
7 occupying army personnel in custody, one-week POW exchange deadline — BLA
Detailed statement:
During Operation Herof phase II, Baloch Liberation Army freedom fighters arrested seventeen occupying Pakistani army personnel on different fronts. After initial… pic.twitter.com/TegRzasFvx
— Bàhot باھوٹ (@bahott_baloch) February 14, 2026
बलूचिस्तान मांग रहा आजादी
यह घटना बलूचिस्तान में चल रहे अलगाववादी संघर्ष का हिस्सा है, जहां बीएलए लड़ाके पाकिस्तान से बलूचिस्तान की आजादी की मांग रहे हैं। बीएलए समूह का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना द्वारा बलूच लोगों पर अत्याचार, जबरन गायब करने और राजनीतिक दमन किया जा रहा है। बीएलए ने दावा किया है कि ये सैनिक ऑक्यूपाइंग फोर्सेज के हैं और उनकी रिहाई के बदले बलूच कैदियों को रिहा किया जाना चाहिए। पाकिस्तानी अधिकारियों ने अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन ऐसे मामलों में अक्सर सेना इसे खारिज कर देती है या ऑपरेशन की तैयारी करती है।
पाकिस्तानी सैनिकों ने कहा-बीएलए की मांग पूरी कर हमें छुड़ा लो
बीएलए ने बंधक बनाए गए पाकिस्तानी सैनिकों का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वह अपने आर्मी चीफ असीम मुनीर से अपील करते हुए कह रहे हैं कि बलूचिस्तानी लड़ाकों की सारी मांगों को मानकर उन्हें छुड़ा लिया जाए।
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2025 में जाफर एक्सप्रेस के यात्रियों को बनाया था बंधक
इससे पहले भी बीएलए ने कई बार ऐसे अल्टीमेटम जारी किए हैं। 2025 में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैक मामले में 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जहां उन्होंने सैकड़ों यात्रियों को बंधक बनाया था और राजनीतिक कैदियों की रिहाई मांगी थी। उस घटना में पाकिस्तानी सेना ने ‘ऑपरेशन ग्रीन बोलन’ चलाकर बंधकों को छुड़ाया था, लेकिन बीएलए ने दावा किया था कि उन्होंने कई बंधकों को मार डाला। यह अल्टीमेटम बलूचिस्तान में तनाव को और बढ़ा सकता है। बीएलए के ऐसे कदम अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने और पाकिस्तान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माने जाते हैं। यदि पाकिस्तान कोई जवाबी कार्रवाई करता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। बलूचिस्तान में यह संघर्ष दशकों पुराना है, जिसमें मानवाधिकार उल्लंघन और हिंसा की घटनाएं आम हैं।


