अमेरिकी सेना ने कैरिबियाई सागर (Caribbean Sea) में कथित मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में एक संदिग्ध जहाज पर सैन्य हमला किया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई है। दक्षिणी कमान (US Southern Command) के अनुसार यह कार्रवाई ड्रग तस्करी के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है, जिसमें अमेरिका ने इन जहाजों को “narco-trafficking” के संदर्भ में निशाना बनाया है। जवानों द्वारा जारी किए गए वीडियो में भी देखा जा सकता है कि हमले के दौरान जहाज पर मिसाइल के प्रहार के बाद उसमें आग लग जाती है और वह धुआं-धुआं हो जाता है, जिसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया है।
हमले को लेकर अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान ड्रग नेटवर्क को रोकने और तस्करों को बाधित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अमेरिका ने पिछले कुछ महीनों में भी इसी तरह की कार्रवाइयां की हैं, जिनमें कई जहाजों को निशाना बनाया गया और दर्जनों लोगों की मौत हुई। हालांकि, आलोचक कहते हैं कि इन हमलों की कानूनी वैधता और हिंसा की सीमा पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और तस्करों के प्रति उचित प्रक्रिया के सिद्धांत पर भी सवाल खड़े करते हैं।
यह घटना कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती सैन्य गतिविधियों में एक और कड़ा कदम के रूप में देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि ड्रग तस्करी रोकने की अनिवार्य जरूरत है, लेकिन इस तरह के सैन्य हमले के जोखिम और परिणामों पर भी गहन विचार किया जाना चाहिए। वीडियो के वायरल होने से वैश्विक स्तर पर इस मसले पर बहस तेज़ हो गई है, जिसमें मानवाधिकार समूह अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना कर रहे हैं।


