अंडमान सागर में भारत, जापान और इंडोनेशिया की नौसेनाओं ने संयुक्त युद्धाभ्यास कर क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और सामरिक सहयोग को नई दिशा दी है। इस अभ्यास में भारतीय नौसेना के साथ Japan Maritime Self-Defense Force और Indonesian Navy ने हिस्सा लिया। तीनों देशों के युद्धपोतों और समुद्री निगरानी विमानों ने सामूहिक ऑपरेशन, संचार समन्वय और समुद्री खतरों से निपटने की रणनीतियों का अभ्यास किया।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित और मुक्त समुद्री मार्ग सुनिश्चित करना तथा आपसी विश्वास को मजबूत करना रहा। इस दौरान पनडुब्बी रोधी अभियान, खोज एवं बचाव अभ्यास (SAR) और सामरिक युद्धाभ्यास जैसे कई चरण आयोजित किए गए। अधिकारियों ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में समुद्री सहयोग और सूचना साझेदारी बेहद अहम हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंडमान सागर में यह त्रिपक्षीय अभ्यास क्षेत्रीय संतुलन और रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा। भारत की ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) नीति के अनुरूप यह कदम हिंद-प्रशांत में स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


