केंद्र सरकार की प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने किसान संगठनों के नेताओं से अचानक मुलाकात कर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में ट्रेड डील के संभावित असर, खासकर कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई। माना जा रहा है कि यदि सरकार ने किसानों की चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया तो बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा सकती है।
किसान संघ के नेताओं ने आशंका जताई है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से सस्ते कृषि उत्पादों का आयात बढ़ सकता है, जिससे भारतीय किसानों की आय और फसलों के दाम प्रभावित हो सकते हैं। बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि विभिन्न किसान संगठनों के साथ व्यापक स्तर पर परामर्श कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि किसानों के हितों से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात आने वाले दिनों में बड़े विरोध प्रदर्शन का रूप ले सकती है। हालांकि सरकार का दावा है कि किसी भी ट्रेड डील में किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित रखे जाएंगे। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या विपक्ष और किसान संगठन मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन का ऐलान करते हैं या सरकार वार्ता के जरिए समाधान निकालती है।


