कांग्रेस पार्टी पर निजी लाभ के लिए राष्ट्रीय हितों से समझौता करने के आरोपों को लेकर सियासत तेज हो गई है। एक नई बहस पॉल एम मैकगेरकी की चर्चित किताब के हवाले से उठी है, जिसमें कथित तौर पर कुछ ऐसे दावे किए गए हैं जो पूर्व सरकारों के फैसलों पर सवाल खड़े करते हैं। किताब में उल्लेखित तथ्यों को लेकर राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
भाजपा नेताओं ने किताब का हवाला देते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि पार्टी ने सत्ता में रहते हुए कुछ निर्णय निजी या राजनीतिक हितों को ध्यान में रखकर लिए। हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि किताब के अंशों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है और यह विपक्ष की छवि खराब करने की साजिश है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा हमेशा उनकी प्राथमिकता रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किताब में किए गए दावों की सत्यता और संदर्भ की स्वतंत्र जांच जरूरी है। फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक इस पर तीखी चर्चा देखने को मिल सकती है।


