दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) की ताजा रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले के तार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय खुफिया इनपुट और सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर UN ने संकेत दिया है कि हमले के पीछे संगठित आतंकी मॉड्यूल की भूमिका हो सकती है। घटना के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच एजेंसियां संदिग्ध नेटवर्क की तलाश में जुटी हैं।
रिपोर्ट में एक और अहम पहलू पर चिंता जताई गई है—आतंकी संगठनों में महिला दहशतगर्दों की बढ़ती भागीदारी। UN के मुताबिक, कट्टरपंथी संगठन अब महिलाओं को न सिर्फ प्रचार और फंडिंग के लिए, बल्कि ऑपरेशनल गतिविधियों में भी शामिल कर रहे हैं। यह रुझान वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है, क्योंकि पारंपरिक सुरक्षा ढांचे में महिलाओं की भूमिका को लेकर अलग आकलन किया जाता रहा है।
लाल किले जैसे ऐतिहासिक और संवेदनशील क्षेत्र के पास धमाका होना सुरक्षा तंत्र के लिए गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। UN रिपोर्ट के दावों की भी विस्तार से समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी आतंकी नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके।


