भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। केंद्र सरकार ने करीब 10 साल पुराने एक अहम नियम में बदलाव करते हुए डीप-टेक इनोवेशन को बढ़ावा देने का रास्ता साफ किया है। इस फैसले का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, स्पेस टेक, बायोटेक और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स को तेजी से आगे बढ़ने का अवसर देना है।
नई नीति के तहत नियमों को सरल बनाया गया है, ताकि रिसर्च, फंडिंग और टेक्नोलॉजी के व्यावसायीकरण में आ रही अड़चनें कम हों। स्टार्टअप्स को अब सरकारी मंजूरियों, बौद्धिक संपदा अधिकारों और निवेश से जुड़े मामलों में ज्यादा लचीलापन मिलेगा। उद्योग जगत का मानना है कि इससे भारत में डीप-टेक इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसे अभियानों को नई ऊर्जा देगा। सरकार का मानना है कि नीति में यह बदलाव न केवल स्टार्टअप्स को राहत देगा, बल्कि रोजगार सृजन, आत्मनिर्भरता और अत्याधुनिक तकनीकों में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।


