भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर उद्योग जगत में चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने अमेरिका को पशु आहार से जुड़े कुछ उत्पादों पर सीमित छूट देने का संकेत दिया है। माना जा रहा है कि यह कदम द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने और समझौते को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों की रक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
वहीं, सोयाबीन तेल पर आयात शुल्क में संभावित कटौती को लेकर उद्योग जगत असमंजस में है। खाद्य तेल उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि शुल्क कम होने से सस्ते आयातित तेल की आमद बढ़ सकती है, जिससे घरेलू उत्पादकों और किसानों पर असर पड़ने की आशंका है। उद्योग प्रतिनिधियों ने सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट नीति और संतुलित फैसला लेने की मांग की है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में कृषि और खाद्य तेल जैसे संवेदनशील मुद्दे अहम भूमिका निभा रहे हैं। यदि शुल्क में बदलाव किया जाता है, तो इसका असर घरेलू बाजार, किसानों और उपभोक्ताओं—तीनों पर पड़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और उद्योग जगत सरकार के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहा है।


