ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच इलाके में हुए हमले के बाद इस्राइली राष्ट्रपति यहूदी समुदाय से मिलने पहुंचे। राष्ट्रपति ने हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि यहूदी समुदाय के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा अस्वीकार्य है। उन्होंने समुदाय के नेताओं से मुलाकात कर एकजुटता का संदेश दिया और सुरक्षा को लेकर सहयोग पर भी चर्चा की।
हालांकि, इस दौरे को लेकर ऑस्ट्रेलिया में विवाद भी भड़क गया। कुछ संगठनों और राजनीतिक समूहों ने आरोप लगाया कि इस्राइली राष्ट्रपति की यात्रा को राजनीतिक संदेश देने और मध्य-पूर्व संघर्ष से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस दौरे से स्थानीय तनाव बढ़ सकता है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि यह महज एकजुटता और संवेदना जताने का कदम है।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सुरक्षा कारणों से राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान कड़े इंतजाम किए। अधिकारियों ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समुदायों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखा जाएगा। विश्लेषकों के मुताबिक, बॉन्डी बीच हमले के बाद यहूदी समुदाय की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।


