प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और श्रीलंका के बीच गहरे सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों का जुड़ाव सदियों पुराना है। बुद्ध अवशेषों की प्रदर्शनी को उन्होंने इस ऐतिहासिक रिश्ते का जीवंत प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने कहा कि बौद्ध विरासत भारत और श्रीलंका को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने वाली मजबूत कड़ी है, जो आज भी लोगों के दिलों को जोड़ती है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, बुद्ध अवशेष प्रदर्शनी से दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास, सम्मान और सांस्कृतिक संवाद को नई मजबूती मिलेगी। यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को सम्मान देती है, बल्कि पर्यटन, जन-जन के संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देती है। उन्होंने इसे ‘पीपल-टू-पीपल कनेक्ट’ को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया।
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पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत और श्रीलंका के रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि साझा इतिहास, परंपराओं और मूल्यों पर आधारित हैं। बुद्ध की शिक्षाएं शांति, करुणा और सह-अस्तित्व का संदेश देती हैं, जो आज के वैश्विक माहौल में और भी प्रासंगिक हो गई हैं। इस प्रदर्शनी के जरिए दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


