चीन की सेना और सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। शीर्ष जनरल पर जांच शुरू होने के बाद चीनी नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन सांसदों को उनके पदों से हटा दिया है। यह कार्रवाई अनुशासन और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ी बताई जा रही है, हालांकि चीनी अधिकारियों की ओर से इस पर सीमित जानकारी ही साझा की गई है। इस कदम को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, जिन सांसदों को हटाया गया है, वे सेना और रक्षा से जुड़े अहम पदों पर रहे हैं। शीर्ष जनरल पर जांच के दायरे में आने के बाद यह कार्रवाई की गई, जिससे संकेत मिलते हैं कि चीन सरकार सेना में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर कोई ढील देने के मूड में नहीं है। इससे पहले भी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम चीन की आंतरिक राजनीति और सैन्य ढांचे में बड़े बदलावों की ओर इशारा करता है। एक ओर जहां बीजिंग सेना को और मजबूत व पेशेवर बनाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की कार्रवाई से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि शीर्ष स्तर पर भी कोई कानून से ऊपर नहीं है।


