भारतीय हॉकी टीम में हाल ही में उस वक्त विवाद गहराता दिखा, जब सीनियर खिलाड़ी मनप्रीत सिंह को लेकर चयन और भूमिका पर मतभेद सामने आए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम मैनेजमेंट और कुछ अधिकारियों के फैसलों से कोच क्रेग फुल्टन असहज नजर आए और उन्होंने मनप्रीत के अनुभव व योगदान का खुलकर समर्थन किया। इसी समर्थन के चलते हालात इतने बिगड़े कि कोच फुल्टन के इस्तीफे की अटकलें भी तेज हो गईं।
बताया गया कि कोच फुल्टन का मानना था कि बड़े टूर्नामेंट्स से पहले सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका अहम होती है और टीम संतुलन बनाए रखना जरूरी है। मनप्रीत सिंह को लेकर लिए गए फैसलों पर अंदरूनी स्तर पर मतभेद बढ़े, जिससे टीम के माहौल पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई। हालांकि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने खुले तौर पर किसी भी तरह की सार्वजनिक बयानबाजी से दूरी बनाए रखी।
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आखिरकार हॉकी इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला संभला। बातचीत के जरिए गलतफहमियों को दूर किया गया और टीम के हित को सर्वोपरि रखते हुए समाधान निकाला गया। कोच फुल्टन ने टीम के साथ बने रहने का फैसला किया और साफ किया गया कि आगे सभी फैसले पारदर्शिता और आपसी सहमति से लिए जाएंगे, ताकि भारतीय हॉकी टीम का फोकस सिर्फ प्रदर्शन और आगामी टूर्नामेंट्स पर रहे।


