आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम खुद को सुरक्षित समझते हैं क्योंकि न तो हम सिगरेट पीते हैं और न ही कोई नशा करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना धूम्रपान किए भी आप कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह लंबे समय तक लगातार बैठे रहना है. ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना, सफर के दौरान बैठे रहना, घर आकर टीवी या मोबाइल पर समय बिताना, यह सब हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है.
पहली नजर में यह बिल्कुल सामान्य लगता है, लेकिन मेडिकल रिसर्च बता रही है कि लगातार बैठे रहना शरीर के लिए उतना ही खतरनाक हो सकता है जितना सिगरेट पीना. इसी वजह से आजकल हेल्थ एक्सपर्ट इसे नया स्मोकिंग कहने लगे हैं. यह आदत धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर करती है और कई गंभीर बीमारियों को जन्म देती है.
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क्यों बढ़ रही है सिटिंग लाइफस्टाइल की समस्या?
तकनीक ने हमारी जिंदगी को आसान तो बना दिया है, लेकिन साथ ही हमें आलसी भी बना दिया है. आज ज्यादातर लोग 8 से 10 घंटे कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते हैं, फोन पर स्क्रॉल करते रहते हैं, टीवी देखते हुए घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं. जब शरीर को लंबे समय तक हिलने-डुलने का मौका नहीं मिलता, तो इसका सीधा असर हमारे दिल, दिमाग, मांसपेशियों और पाचन तंत्र पर पड़ता है.
लंबे समय तक बैठने से शरीर के इन अंग को पहुंचता है सबसे ज्यादा नुकसान?
1. हार्ट और ब्लड सेल्स पर असर – ज्यादा देर तक बैठे रहने से ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ता है, दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. रिसर्च के अनुसार, दिन में 8 घंटे से ज्यादा बैठने वालों में हृदय रोग से मौत का खतरा काफी बढ़ जाता है.
2. डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस – जब शरीर एक्टिव नहीं रहता, तो मांसपेशियां शुगर को सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पातीं, इससे इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता, टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है, यह समस्या दुबले-पतले लोगों में भी हो सकती है.
3. मोटापा और धीमा मेटाबॉलिज्म – बैठे रहने पर कैलोरी बहुत कम बर्न होती है. जिसके कारण वजन तेजी से बढ़ता है, पेट और कमर के आसपास चर्बी जमा होती है, शरीर का मेटाबॉलिज्म सुस्त हो जाता है.
4. पीठ, गर्दन और कंधों में दर्द – गलत तरीके से बैठकर काम करने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है, गर्दन और कंधों में अकड़न होती है, लंबे समय तक चलने वाला कमर दर्द शुरू हो सकता है.
5. दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य पर असर – कम फिजिकल एक्टिविटी से दिमाग तक ऑक्सीजन कम पहुंचती है, तनाव, चिंता और डिप्रेशन बढ़ सकता है, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है.
6. पाचन तंत्र कमजोर होता है – खाना खाने के बाद तुरंत बैठ जाने से पाचन धीमा हो जाता है. गैस, कब्ज और एसिडिटी की समस्या होती है.
क्या सच में बैठना सिगरेट जितना खतरनाक है?
डॉक्टरों के अनुसार, बैठने और धूम्रपान से नुकसान अलग-अलग तरीकों से होता है, लेकिन दोनों ही आदतें धीरे-धीरे शरीर को बीमार बनाती हैं. कुछ स्टडीज बताती हैं कि लगातार 8 घंटे बैठना हफ्ते में 10–15 सिगरेट पीने जितना नुकसानदायक हो सकता है. लंबे समय तक बैठने से असमय मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है.
लंबे समय तक बैठने से कैसे बचें?
1. हर 30 मिनट में उठें, काम के बीच 2–3 मिनट टहलें या स्ट्रेच करें.
2. खड़े होकर काम करने की आदत डालें और अगर संभव हो तो स्टैंडिंग डेस्क का यूज करें.
3. फोन कॉल पर चलते रहें, फोन पर बात करते समय कुर्सी पर न बैठें.
4. रोजाना व्यायाम करें, तेज चलना, योग या साइक्लिंग बहुत फायदेमंद है.
5. सही तरीके से बैठें, सीधी पीठ, ढीले कंधे और स्क्रीन आंखों के स्तर पर रखें.
6. घर पर भी एक्टिव रहें, टीवी देखने के बीच उठकर टहलें या हल्के काम करें.


