कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कथित रूप से ‘शांति बहाली’ को लेकर पारित कराए गए एक ‘शांति विधेयक’ को लेकर बड़ा दावा किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस विधेयक के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ नीतिगत फैसलों को सहमति के आधार पर आगे बढ़ाया गया, जिसकी जानकारी देश की जनता को स्पष्ट रूप से नहीं दी गई।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने इस तथाकथित ‘शांति विधेयक’ को पारित कराते समय संसद और लोकतांत्रिक संस्थाओं को विश्वास में नहीं लिया। पार्टी ने कहा कि शांति और कूटनीति के नाम पर किए गए ऐसे समझौतों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, ताकि देशहित से जुड़े पहलुओं पर कोई सवाल न खड़ा हो।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में कांग्रेस के इस बयान को आने वाले दिनों में तेज होने वाले सियासी टकराव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।


