कांग्रेस ने आदिवासी बहुल क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर वनों की कटाई किए जाने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार विकास के नाम पर जंगलों को उजाड़ रही है, जिससे न केवल पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है बल्कि आदिवासी समुदायों की आजीविका और अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है।
कांग्रेस के अनुसार, खनन गतिविधियों के चलते आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ रहा है और जल, जंगल व जमीन से उनका पारंपरिक रिश्ता टूट रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि पर्यावरणीय स्वीकृति और ग्रामसभा की सहमति जैसी कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी कर परियोजनाओं को मंजूरी दी जा रही है, जो संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि आदिवासी इलाकों में चल रही खनन परियोजनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जब तक स्थानीय लोगों की सहमति नहीं मिलती, तब तक ऐसे सभी कार्यों पर रोक लगाई जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी जारी रही तो वह जनआंदोलन तेज करेगी।


