विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में सैनेटरी मशीनों का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक कौशिक ने कहा कि प्रदेश में करोड़ों रुपये खर्च कर सैनेटरी मशीनें लगाई गईं, लेकिन अधिकांश मशीनें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। उन्होंने इसे सरकारी धन की बर्बादी बताते हुए मशीनों की स्थिति और रखरखाव को लेकर जवाब मांगा।
कौशिक ने सदन में कहा कि महिलाओं की स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिए शुरू की गई योजना का उद्देश्य सराहनीय था, लेकिन लापरवाही के कारण इसका लाभ जमीन पर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि मशीनें बंद होने के बावजूद अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई और भविष्य में इसे सुचारु रूप से चलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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वहीं, बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने के वादे पूरे नहीं हुए हैं। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे सदन का माहौल कुछ समय के लिए गरमा गया।


