पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने भारत की शिक्षा और रोजगार प्रणाली को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि देश में डिग्री हासिल करने पर जरूरत से ज्यादा जोर दिया जा रहा है, जबकि व्यावहारिक कौशल (स्किल्स) के विकास को नजरअंदाज किया जा रहा है। राजन के मुताबिक, यही वजह है कि बड़ी संख्या में युवा पढ़े-लिखे होने के बावजूद रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
रघुराम राजन ने कहा कि भारत को अब डिग्री-केंद्रित सोच से बाहर निकलकर स्किल-बेस्ड एजुकेशन मॉडल अपनाने की जरूरत है। उद्योगों की मांग के अनुसार तकनीकी, डिजिटल और व्यावसायिक कौशल विकसित किए बिना रोजगार सृजन संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित देशों ने हुनर आधारित प्रशिक्षण पर फोकस कर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है, जबकि भारत इस दिशा में अपेक्षित गति से काम नहीं कर रहा है।
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उन्होंने सरकार, शिक्षण संस्थानों और निजी क्षेत्र से मिलकर काम करने की अपील की, ताकि युवाओं को रोजगार योग्य बनाया जा सके। रघुराम राजन के अनुसार, अगर समय रहते स्किल डेवलपमेंट पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जनसंख्या का बड़ा हिस्सा अवसर से वंचित रह सकता है, जो भविष्य में देश के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।


