छत्तीसगढ़ में साय सरकार की प्रथम कैबिनेट बैठक को दो वर्ष पूर्ण हो गए हैं। इस अवसर पर सरकार के सबसे बड़े और अहम फैसले के रूप में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को दी गई स्वीकृति को याद किया जा रहा है। यह निर्णय राज्य के गरीब, वंचित और बेघर परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना गया, जिससे लाखों लोगों के अपने पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा मिली।
सरकार के गठन के तुरंत बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में पीएम आवास योजना के तहत इतनी बड़ी संख्या में आवासों को मंजूरी देकर साय सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी थीं। इसका उद्देश्य हर जरूरतमंद को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाना था।
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इन दो वर्षों में आवास स्वीकृति के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं, पारदर्शी शासन और जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी सरकार का फोकस रहा है। पीएम आवास की मंजूरी को साय सरकार की जनहितैषी सोच और गरीब कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का मजबूत उदाहरण माना जा रहा है।


