कोरबा : कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) कोरबा की शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु स्वीकृत कार्यों की प्रगति, कार्योत्तर स्वीकृति तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, महापौर संजू देवी राजपूत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में मंत्री देवांगन ने कहा कि डीएमएफ कोरबा जिले के समग्र विकास का मुख्य आधार है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पोषण, रोजगार, पीवीटीजी समुदायों के उत्थान और नीट कोचिंग जैसी योजनाओं के माध्यम से डीएमएफ तेजी से सकारात्मक बदलाव ला रहा है। उन्होंने निर्देशित किया कि शहर की सड़कों का डामरीकरण, बेलगरी बस्ती में पुल-सड़क निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए।
विधायक प्रेमचंद पटेल ने डीएमएफ से सभी विधानसभा क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास कार्यों को सकारात्मक बताया और आने वाले वर्षों में सोलर ऊर्जा, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन एवं रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। विधायक तुलेश्वर मरकाम ने शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में डीएमएफ के उपयोग को सराहनीय बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने पीवीटीजी समुदाय के लिए आदर्श गांव विकसित करने, राखड़ से सीसी रोड बनाने तथा शाला त्यागी बच्चों को स्कूल से जोड़ने जैसी पहल की प्रशंसा की। महापौर संजू देवी राजपूत ने शहरी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना सुधार पर डीएमएफ के बेहतर प्रभाव का उल्लेख किया।
कलेक्टर अजीत वसंत ने डीएमएफ नियमों में हुए संशोधनों की जानकारी देते हुए बताया कि अब 70% राशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों पर और 30% अन्य कार्यों पर व्यय की जाएगी। खनन क्षेत्र से 15 किमी तक के क्षेत्र प्रत्यक्ष प्रभावित तथा 25 किमी तक के क्षेत्र अप्रत्यक्ष प्रभावित माने जाएंगे। इसके चलते जिले की लगभग 95% डीएमएफ राशि कोरबा के प्रभावित क्षेत्रों में व्यय होगी। जिले के 792 में से 782 गांव डीएमएफ से लाभान्वित होंगे। बाकी 10 गांव को भी शामिल करने हेतु भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
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कलेक्टर ने बताया कि वर्ष 2025-26 में लगभग 700 करोड़ रुपये की डीएमएफ राशि मिलने की संभावना है, जिसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण एवं नगरीय विकास तथा अधोसंरचना कार्यों पर प्राथमिकता से व्यय किया जाएगा। बैठक में वित्तीय प्रगति, प्रधानमंत्री खान क्षेत्र कल्याण योजना, भुगतान की स्थिति, डीएमएफ प्राप्ति एवं व्यय, आडिट रिपोर्ट तथा भविष्य की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का समापन जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में समग्र विकास और संसाधनों के पारदर्शी उपयोग के संकल्प के साथ किया गया।


