अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने मीडिया की जवाबदेही बढ़ाने और “फेक न्यूज” पर लगाम कसने के लिए नया पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल का उद्देश्य उन घटनाओं को एकत्र करना है जहां आम नागरिकों को मीडिया रिपोर्टिंग से नुकसान हुआ हो या जहां उन्हें पक्षपातपूर्ण खबरों का सामना करना पड़ा हो। प्रशासन का दावा है कि यह कदम मीडिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
नया ऑनलाइन पोर्टल अमेरिकी नागरिकों को यह अवसर देता है कि वे अपने अनुभव साझा कर सकें— गलत रिपोर्टिंग , भ्रामक बयान , पक्षपातपूर्ण कवरेज , व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली खबरें | ट्रंप प्रशासन के मुताबिक, नागरिकों से मिली शिकायतें मीडिया की गतिविधियों की निगरानी में मदद करेंगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई या सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान कई बार अमेरिकी मीडिया पर हमले किए और उन्हें “फेक न्यूज मशीन” करार दिया। यह पोर्टल उसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए प्रशासन मीडिया संस्थानों को चेतावनी देना चाहता है कि पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ट्रंप प्रशासन के इस कदम पर कई मीडिया संगठनों और स्वतंत्र विश्लेषकों ने चिंता जताई है। आलोचकों का कहना है कि—यह प्रेस की स्वतंत्रता पर दबाव डालने जैसा कदम है | प्रशासन आलोचनात्मक रिपोर्टिंग को दबाने की कोशिश कर रहा है | नागरिकों की शिकायतों का इस्तेमाल मीडिया पर दबाव बढ़ाने के लिए किया जा सकता हैहालांकि समर्थकों का तर्क है कि मीडिया को भी जवाबदेह होना चाहिए, और यदि कोई संस्था गलत जानकारी फैलाती है, तो उसकी निगरानी जरूरी है।
इस निर्णय से अमेरिकी राजनीति में मीडिया की भूमिका को लेकर चल रहा विवाद और तेज हो गया है। पोर्टल लॉन्च होते ही बड़ी संख्या में लोग प्लेटफॉर्म पर जाकर शिकायतें दर्ज कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि यह मुद्दा आम जनता के बीच भी तेजी से चर्चा में है।


