छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित और दुर्गम माने जाने वाले अबूझमाड़ क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने अपना नया सामरिक अड्डा (Strategic Base) स्थापित कर दिया है। यह कदम क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा जरूरतों, नक्सल विरोधी अभियानों को गति देने और स्थानीय आबादी में भरोसा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नया अड्डा आईटीबीपी को अबूझमाड़ की घनी वादियों और पहाड़ी इलाकों में बेहतर पैठ बनाने में मदद करेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह बेस सुरक्षा बलों को बेहतर ऑपरेशन प्लानिंग, सतत निगरानी, और नक्सली गतिविधियों पर मजबूत नियंत्रण का अवसर देगा। साथ ही, पहले जिन क्षेत्रों में पहुंचना चुनौतीपूर्ण था, वहां अब तेज़ी से प्रतिक्रिया देना संभव होगा।
आईटीबीपी अधिकारियों ने बताया कि इस अड्डे पर आधुनिक हथियार, संचार प्रणाली, मेडिकेयर सुविधाएं और त्वरित प्रतिक्रिया दल (Quick Reaction Teams) उपलब्ध होंगे। इससे नक्सलियों की मूवमेंट पर निगरानी बढ़ेगी और उन्हें सुरक्षित ठिकानों से बाहर निकालने में मदद मिलेगी।
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स्थानीय जनजातीय समुदायों के लिए भी इस अड्डे का महत्व है। आईटीबीपी ने बताया कि वे स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा सहायता, खेल गतिविधियाँ और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से जन-संपर्क और भरोसा निर्माण के प्रयासों को और मजबूत करेंगे। इससे विकास कार्यों को भी सुरक्षा कवच मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अबूझमाड़ में आईटीबीपी का यह बेस नक्सल विरोधी रणनीति को नई दिशा देगा और दक्षिण बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा के नए आयाम स्थापित करेगा।


