रायपुर, 30 नवंबर 2025 — आज छत्तीसगढ़ में आयोजित DGP‑IG Conference के उद्घाटन अवसर पर, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों को एक अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “देश की सुरक्षा अब सिर्फ पुलिस या सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है।” उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे सुरक्षा व्यवस्था में अपनी भूमिका समझें और अपने कर्तव्यों का पालन करें।
मोदी ने कहा कि बदलाव के इस दौर में सुरक्षा को व्यापक दृष्टिकोण से देखना होगा — सिर्फ कानून-प्रवर्तन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर दस्ते, हर नागरिक को आगे आना चाहिए।उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यदि हर व्यक्ति जागरूक होगा और अपनी ज़िम्मेदारी समझेगा, तभी देश वास्तविक रूप में सुरक्षित रह सकेगा।साथ ही, उन्होंने राज्य सरकारों, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से आग्रह किया कि वे जनता तक सुरक्षा-बहेतर व्यवस्था पहुँचाएं, और नागरिकों को भरोसेमंद महसूस कराएं।
इस सम्मेलन का उद्देश्य राज्यों की पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों — डीजीपी, आईजी, आदि — के बीच समन्वय और साझा रणनीति बनाना है।सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा, नक्सलवाद, उग्रवाद, सामूहिक अपराध और नशीले पदार्थों से लड़ने के लिए नई नीतियाँ तय की जाएँगी।प्रधानमंत्री का यह बयान सम्मेलन के रोम — नागरिक भागीदारी के महत्व — को रेखांकित करता है।
सुरक्षा-चैनलों — चाहे वह कानून लागू करना हो या आपदा प्रबंधन — में सिर्फ अधिकारियों का भरोसा पर्याप्त नहीं है; जागरूक और सतर्क नागरिकों की भागीदारी जरूरी है।समाज में एकजुटता, पुलिस व जनता के बीच विश्वास, सूचनाओं का साझा करना — ये सभी कदम अपराध, असामाजिक तत्वों और नक्सली/उग्रवाद प्रभावित इलाकों में माहौल सुधार सकते हैं।युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय नेता — सभी को अपनी भूमिका समझ कर सक्रिय रहना चाहिए; ताकि “सुरक्षित भारत, सुरक्षित भविष्य” की दिशा मजबूत बने।
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सम्मेलन के बाद सरकार व पुलिस एजेंसियाँ — नए सुरक्षा मॉडल, बेहतर प्रशिक्षण, सूचना नेटवर्क, और नागरिक-पुलिस सहयोग को आगे बढ़ाएँगी।राज्य सरकारों व केंद्र सरकार के बीच सुरक्षात्मक समन्वय — सीमा क्षेत्रों, नक्सल प्रभावित जिलों व संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी व कार्रवाई।नागरिकों को जागरूक करने और सुरक्षा-जागरुकता फैलाने के लिए समाजिक अभियानों व जागरूकता मुहिमों की शुरुआत।


