नई दिल्ली, 30 नवंबर 2025 — सर्दियों का मौसम आते ही जुकाम, खांसी, बुखार और थकान जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कम होने पर व्यक्ति जल्दी बीमार पड़ सकता है। ऐसे में घर पर बना देसी च्यवनप्राश बेहद फायदेमंद साबित होता है। यह न सिर्फ शरीर को ताकत देता है बल्कि मौसम बदलने पर होने वाली बीमारियों से भी बचाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि देसी जड़ी-बूटियों से तैयार च्यवनप्राश सालभर इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखता है।
इम्युनिटी को नेचुरल तरीके से बढ़ाता है , खांसी-जुकाम से बचाव ,शरीर में एनर्जी और गर्माहट बनाए रखता है , पाचन तंत्र मजबूत करता है , एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर ,बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए फायदेमंद
आंवला – 1 किलो , देसी घी – 200 ग्राम , शहद – 250 ग्राम , गुड़ या कच्ची शक्कर – 500 ग्राम , इलायची पाउडर – 1 चम्मच , दालचीनी – 1 चम्मच , लौंग पाउडर – आधा चम्मच , पिप्पली (लंबी मिर्च) पाउडर – 1 चम्मच , अश्वगंधा चूर्ण – 2 चम्मच ,घृतकुमारी (एलोवेरा गूदा) — वैकल्पिक
आंवला उबालें: आंवले को पानी में नरम होने तक पकाएँ।बीज अलग करें: आंवले को ठंडा कर बीज निकाल लें और उसका पेस्ट बना लें।आंवला पेस्ट भूनें: एक कड़ाही में घी गरम करें और आंवला पेस्ट को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें।गुड़ मिलाएं: पेस्ट में गुड़ डालें और अच्छी तरह मिलाएँ जब तक मिश्रण गाढ़ा न हो जाए।मसाले डालें: दालचीनी, इलायची, लौंग, पिप्पली और अश्वगंधा डालकर मिलाएँ।शहद अंत में मिलाएँ: गैस बंद करने के बाद हल्का ठंडा होने पर शहद डालें।स्टोर करें: मिश्रण को कांच के जार में भरकर ठंडी जगह में रखें।
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रोज सुबह खाली पेट 1–2 चम्मच च्यवनप्राश लेना लाभकारी माना जाता है।बच्चों के लिए मात्रा आधी रखें।दूध के साथ भी इसका सेवन किया जा सकता है।शहद को कभी भी गर्म मिश्रण में न डालें।डायबिटीज वाले लोग शुगर/गुड़ कम मात्रा में रखें या डॉक्टर की सलाह लें। किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या में सेवन से पहले विशेषज्ञ से परामर्श करें।


