दक्षिण भारत इस समय दोहरी मौसमीय चुनौती से जूझ रहा है। एक ओर चक्रवात ‘सेंयार’ तेजी से तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव ने भारी वर्षा और तेज हवाओं की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और पुदुचेरी में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार चक्रवात सेंयार अगले 24 से 36 घंटों में और मजबूत हो सकता है, जिससे तटीय क्षेत्रों में 70–90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की वजह से मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
तमिलनाडु और पुदुचेरी के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे सड़कों पर जलभराव और यातायात जाम जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं। स्कूलों को बंद कर दिया गया है और तटीय इलाकों में राहत टीमों को तैनात किया गया है।आंध्र प्रदेश में भी कई स्थानों पर नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी है।तेलंगाना और कर्नाटक में भी अगले 48 घंटों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। बिजली लाइनों, पेड़ों और कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने राज्यों को सतर्क रहने और रेस्क्यू टीमें हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि यह प्रणाली अगले कुछ दिनों तक असर बनाए रख सकती है, जिससे दक्षिण भारत में मौसम उथल-पुथल से भरा रह सकता है।लोगों को घरों में सुरक्षित रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।


