नई दिल्ली। भारत में आज 26 नवंबर 2025 को 76वां संविधान दिवस (Constitution Day) मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और अन्य सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की और संविधान की महत्ता को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का संविधान केवल कानून की किताब नहीं, बल्कि यह सम्मान, बराबरी और आजादी का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि संविधान ने हर नागरिक को अधिकारों और कर्तव्यों की समझ दी है और लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव मजबूत की है।पीएम ने यह भी कहा कि संविधान निर्माण के समय किये गए विचार और बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे संविधान के सपनों और सिद्धांतों का पालन करें और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखें।
पूरे देशभर के शासकीय और शैक्षणिक संस्थानों में संविधान पर व्याख्यान, गोष्ठी और संगोष्ठी आयोजित की गई।दिल्ली में Rashtrapati Bhavan और संसद भवन परिसर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।छात्रों ने संविधान दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और शपथ ग्रहण किए।
संविधान ने भारत को समान अधिकारों वाला लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाया।यह प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा, आजादी और न्याय की गारंटी देता है।नागरिकों के लिए यह मार्गदर्शक है कि वे अपने कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति सजग रहें।इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी का संदेश स्पष्ट था कि संविधान केवल दस्तावेज़ नहीं, बल्कि देश की आत्मा और लोकतंत्र की नींव है।


