अयोध्या में राम मंदिर परिसर में गुरुवार को आयोजित धर्म ध्वजा फहराने का कार्यक्रम ऐतिहासिक और भावुक माहौल के बीच सम्पन्न हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन ने उपस्थित संतों, धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं।
धर्म ध्वजा फहराने का यह क्षण मंदिर परिसर में मौजूद हजारों लोगों के लिए अत्यंत श्रद्धा और गर्व का विषय रहा। ध्वजारोहण से पहले की गई वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना ने पूरे वातावरण को दिव्य बना दिया। जैसे ही धर्म ध्वजा शिखर पर लहराई, “जय श्री राम” के जयकारों से परिसर गूंज उठा।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का पुनर्स्मरण है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण को भारतीय आस्था, एकता और समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि अयोध्या अब विश्व स्तर पर आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बन रही है।
मुख्यमंत्री के भावुक शब्दों पर कई संतों की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा कि वर्षों की प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद यह दिन आया है, जिसे इस युग का सबसे पावन अध्याय माना जाएगा।
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ध्वजारोहण समारोह में देशभर से आए संत, महंत, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और प्रशासन ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए।
कार्यक्रम के बाद रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे दिन मंदिर परिसर में आध्यात्मिक उत्सव का माहौल बना रहा।


