अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए टैरिफ के बीच भारतीय सीफूड इंडस्ट्री ने रणनीतिक बदलाव करते हुए नए वैश्विक बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। इसी कदम का असर है कि 2025 में भारत के झींगा (Shrimp) निर्यात में 18% की उल्लेखनीय उछाल दर्ज की गई है।
सीफूड एक्सपोर्टर्स के अनुसार, अमेरिका लंबे समय से भारत का सबसे बड़ा आयातक देश रहा है, लेकिन लगातार बढ़ते शुल्क और सख्त जांच की वजह से निर्यातकों पर दबाव बढ़ रहा था। ऐसे में सरकार और उद्योग ने मिलकर नए बाजारों—जैसे जापान, दक्षिण कोरिया, यूरोप, मध्य-पूर्व और लैटिन अमेरिका—पर फोकस बढ़ाया।
नए बाजारों में सफल विस्तार का सबसे बड़ा कारण रहा—निर्यात व लॉजिस्टिक प्रक्रियाओं का डिजिटलकरणक्वालिटी मानकों पर जोरप्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारणप्रोडक्ट वेरायटी में बढ़ोतरी
इसी रणनीति ने भारत के झींगा निर्यात को न सिर्फ स्थिर किया बल्कि मजबूत भी बनाया। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले महीनों में झींगा निर्यात नई रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छू सकता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत अभी भी दुनिया के टॉप झींगा निर्यातकों में शामिल है और इस उछाल ने भारत की समुद्री उत्पाद इंडस्ट्री को वैश्विक स्तर पर नई गति दी है।


