जोहानिसबर्ग, 22 नवंबर 2025 — G20 शिखर सम्मेलन के किनारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज़ और कनाडा के पीएम मार्क कारनी के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय पहल की घोषणा की है। इस साझेदारी का नाम है “ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत टेक्नोलॉजी और इनोवेशन (ACITI) पार्टनरशिप”।
इस नई साझेदारी का मकसद क्रिटिकल और उभरती टेक्नोलॉजीज में सहयोग को बढ़ाना है, ताकि तीनों देशों के बीच मौजूदा द्विपक्षीय प्रयासों को मजबूत किया जा सके। खास तौर पर ग्रीन एनर्जी इनोवेशन और आवश्यक खनिजों (critical minerals) पर फोकस रहेगा, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक लचीला और टिकाऊ बनाया जा सके। इसके अलावा, तीनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की द्रव जन-गोद लेने (mass adoption) पर विचार करेंगे, जिससे नागरिकों की ज़िंदगियों में सुधार किया जा सके। साझेदारी रणनीतिक रूप से नेट ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में काम करेगी और सप्लाई चेन को “सुरक्षित, सस्टेनेबल और रेसिलिएंट” बनाया जाएगा। तीनों देशों ने यह तय किया है कि अधिकारी 2026 की पहली तिमाही में मिलेंगे ताकि इस पहल को आगे बढ़ाया जाए।
पीएम मोदी ने ट्वीट (X) पर साझा किया, “हम इस नई साझेदारी के लिए बेहद प्रसन्न हैं। यह तीन महाद्वीपों और तीन महासागरों में फैल चुकी लोकतांत्रिक साझेदारियों की गहरी भागीदारी को दर्शाता है।” उन्होंने कहा कि यह पहल आगामी पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करेगी, और “हम मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।” मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि यह साझेदारी “साझे मूल्यों और दीर्घकालीन लक्ष्यों” की पहचान को दर्शाती है।
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यह पहल इस बात का उदाहरण है कि कैसे बहुपक्षीय सहयोग (multilateral cooperation) आधुनिक चुनौतियों — जैसे क्लाइमेट चेंज, प्रौद्योगिकी प्रतिस्पर्धा, और सप्लाई चेन अस्थिरता — का सामना करने में सक्षम हो सकता है।ACITI साझेदारी यह संकेत देती है कि भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा सिर्फ व्यापार में ही नहीं, बल्कि उच्च-स्तरीय तकनीकी नवाचार और सतत विकास में एक साथ कदम बढ़ा रहे हैं।Demokratik देशों की इस साझेदारी से न केवल तीनों देशों को लाभ होगा, बल्कि यह वैश्विक टेक और इनोवेशन परिदृश्य में एक नया मॉडल भी पेश कर सकती है।


