अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक भारतीय कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यह कंपनी ऐसे नेटवर्क से कारोबार करती पाई गई है, जो कथित तौर पर आतंक फंडिंग से जुड़े ग्रुप्स को सपोर्ट करता है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने प्रतिबंध आदेश में कहा कि कंपनी की सप्लाई और कारोबारी लेनदेन संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों और संगठनों तक पहुंचते थे।
इस कदम के बाद कंपनी के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर तत्काल प्रभाव पड़ने की संभावना है। वहीं, भारत सरकार मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थिति की समीक्षा कर रही है। अमेरिकी कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों पर नया दबाव पैदा कर दिया है।


