केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को BSF जवानों के बीच पहुंचकर पाकिस्तान और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा किसी भी कीमत पर समझौते का विषय नहीं है और घुसपैठ की हर कोशिश का मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर निकालेंगे, चाहे वे कहीं भी छिपे हों।”BSF कैंप में जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि भारत अब पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश की ओर से प्रायोजित आतंकवाद और घुसपैठ की हर गतिविधि पर सख्त निगरानी रखी जा रही है और किसी भी उकसावे का जवाब तुरंत और असरदार तरीके से दिया जाएगा।
अमित शाह ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल देश की सुरक्षा के मुद्दों पर “नरमी” की भाषा बोलते हैं, जिससे दुश्मन देश का मनोबल बढ़ता है। उन्होंने कहा, “देश की सुरक्षा पर राजनीति नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत है। BSF जैसे सुरक्षा बलों के परिश्रम और बलिदान को कमजोर करने वाली बयानबाज़ी राष्ट्रहित में नहीं है।”गृह मंत्री ने BSF जवानों की सराहना करते हुए कहा कि वे कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने जवानों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके कल्याण और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता के लिए निरंतर काम कर रही है।
शाह के इस बयान को हाल के दिनों में सीमा क्षेत्रों में बढ़ी गतिविधियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। केंद्र सरकार पहले ही सीमा सुरक्षा, तकनीक के उपयोग और इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठा चुकी है।अमित शाह के बयान ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में घुसपैठ, अवैध गतिविधियों और सीमा सुरक्षा को लेकर और भी सख्त कदम देखने को मिल सकते हैं।


