बस्तर में विकास और शांति की दिशा में एक और सकारात्मक पहल के रूप में ‘पंडुम कैफे’ की शुरुआत की गई है, जिसे मुख्यमंत्री साय ने नक्सल उन्मूलन की दिशा में उभरते परिवर्तन का प्रतीक बताया है। आदिवासी संस्कृति और स्थानीय संसाधनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह कैफे न सिर्फ रोजगार का नया माध्यम बनेगा, बल्कि क्षेत्र में बढ़ते आत्मविश्वास और सामान्य स्थिति की वापसी का भी संकेत है।
मुख्यमंत्री साय ने उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि बस्तर बदल रहा है। जहां कभी नक्सल हिंसा का साया था, वहीं आज युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमिता और विकास के अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने इस पहल को स्थानीय युवाओं की भागीदारी और प्रशासन की समन्वित कोशिश का नतीजा बताया। ‘पंडुम कैफे’ में स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प और बस्तर की सांस्कृतिक झलक पेश की जाएगी, जिससे क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार, कैफे से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने में भी यह एक अहम कदम साबित होगा। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बस्तर की सकारात्मक छवि मजबूत होगी और नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति व विकास की प्रक्रिया को और गति मिलेगी।
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‘पंडुम कैफे’ की शुरुआत को सरकार, सुरक्षा बलों और जनता के सामूहिक प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि बस्तर अब स्थायी शांति और विकास की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है।





