नौकरी बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच एक नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कई कंपनियां Gen Z कर्मचारियों को समय से पहले नौकरी से निकाल रही हैं, जिसके पीछे मुख्य वजह उनके बदलते कार्य व्यवहार और कार्यस्थल पर कम धैर्य को माना जा रहा है। स्टडी में पाया गया कि Gen Z कर्मचारी अक्सर तेजी से करियर ग्रोथ की उम्मीद करते हैं और असंतुष्ट होने पर नौकरी बदलने में देर नहीं लगाते।
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इससे कंपनियों को उन्हें दी जाने वाली ट्रेनिंग की लागत व संसाधनों का नुकसान होता है। साथ ही, कई नियोक्ताओं का कहना है कि रिमोट वर्क कल्चर में Gen Z कर्मचारियों की एंगेजमेंट और कमिटमेंट अपेक्षा से कम देखा गया है। इन सभी कारणों के चलते कंपनियां लेऑफ के दौरान Gen Z वर्कफोर्स को प्राथमिकता के साथ टारगेट कर रही हैं।


