देश में इस बार सर्दी ने दस्तक जल्दी दे दी है। जहां आमतौर पर दिसंबर से कड़ाके की ठंड शुरू होती है, वहीं इस साल नवंबर के दूसरे हफ्ते में ही शीतलहर का असर महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। दिन में धूप निकलने के बावजूद सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है।
उत्तर भारत में तापमान में गिरावट
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री कम दर्ज किया गया है। राजस्थान के चुरू और श्रीगंगानगर में रात का तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के नीचे चला गया है। दिल्ली में भी सुबह और शाम के वक्त तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे लोगों को नवंबर में ही दिसंबर जैसी ठंड महसूस हो रही है।
सर्द हवाओं का असर पूरे उत्तरी भारत में
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण मैदानी राज्यों में ठंडी हवाएं पहुंच रही हैं। यही वजह है कि तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद ठिठुरन बनी हुई है। आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
IMD की चेतावनी: बढ़ेगी ठंड, तैयार रहें
भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 3-4 दिनों में उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में भी रातें ठंडी और दिन सुहावने रहेंगे।
लोगों को दी गई सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ठंडी हवाओं से बचने के लिए सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। साथ ही, मौसम में नमी बढ़ने से सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।


