राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पाकिस्तान को लेकर तीखा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अब कमजोर नहीं रहा, और अब बात उसी भाषा में होगी जो पाकिस्तान समझता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से लगातार आतंकी गतिविधियों और घुसपैठ की खबरें सामने आ रही हैं।
भागवत ने पाकिस्तान को ‘आतंकिस्तान’ कहते हुए कहा कि इस देश की नीति सिर्फ आतंक फैलाना है, लेकिन अब भारत पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि भारत के सैनिक, सरकार और जनता – तीनों अब एकजुट होकर आतंक के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं। भागवत ने यह भी कहा कि जो देश भारत की संप्रभुता को चुनौती देगा, उसे उसी भाषा में जवाब मिलेगा।
अपने संबोधन में उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि भारत की सुरक्षा और सम्मान के लिए एकजुट रहें। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा राष्ट्र है जो शांति का समर्थक है, लेकिन अगर कोई इसकी शांति भंग करने की कोशिश करेगा तो उसे कड़ा जवाब मिलेगा।
मोहन भागवत का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कई लोग इसे भारत की सख्त विदेश नीति का समर्थन मान रहे हैं, जबकि कुछ ने इसे पाकिस्तान को “स्पष्ट चेतावनी” करार दिया है।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संदेश न सिर्फ पाकिस्तान के लिए है, बल्कि उन ताकतों के लिए भी है जो भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं।
अंत में, भागवत ने कहा — “हम शांति चाहते हैं, लेकिन अगर कोई हमें उकसाएगा तो हम शांत नहीं रहेंगे। भारत अब नया भारत है — जो देखता ही नहीं, जवाब भी देता है।”


