भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देशभक्ति और सांस्कृतिक एकता के प्रतीक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम श्रृंखला की घोषणा की है। 7 नवंबर से पूरे देश में 150 स्थानों पर ‘Vande Mataram@150’ उत्सव मनाया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य कार्यक्रम मुंबई स्थित मंत्रालय में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में होगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य:
‘वंदे मातरम्@150’ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल गीत का सम्मान करना नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता संग्राम और एकता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। पार्टी ने कहा कि यह कार्यक्रम राष्ट्र के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को नई ऊर्जा देने का कार्य करेगा। बीजेपी नेताओं का कहना है: “यह सिर्फ एक गीत नहीं, यह भारत की आत्मा की आवाज़ है। 150 साल पहले जिस स्वर ने देश को जगाया, वही आज हमें आत्मनिर्भर भारत के मार्ग पर प्रेरित कर रहा है।”
कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ:
- 7 नवंबर से देशभर में 150 प्रमुख स्थलों पर वंदे मातरम् का सामूहिक गायन होगा।
- हर राज्य में स्थानीय कलाकार और युवा इसमें भाग लेंगे।
- महाराष्ट्र के मुख्य कार्यक्रम में देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि होंगे।
- दिल्ली, वाराणसी, जयपुर, भोपाल, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- कार्यक्रमों में स्वतंत्रता सेनानियों और समाजसेवियों के परिजन भी आमंत्रित किए गए हैं।
वंदे मातरम् का ऐतिहासिक महत्व:
- ‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी और यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक बन गया।
- इसने आज़ादी के दौर में लाखों युवाओं में जोश और देशभक्ति की लहर पैदा की।
- 1950 में इसे भारत का राष्ट्रीय गीत (National Song) घोषित किया गया।
देवेंद्र फडणवीस का बयान:
फडणवीस ने कहा —
- “वंदे मातरम् हमारे देश की आत्मा है।
- यह हमें याद दिलाता है कि भारत की शक्ति उसकी विविधता और एकता में है।
- हमें गर्व है कि यह आयोजन मुंबई से शुरू हो रहा है, जहाँ से भारत की प्रेरणा की नई धारा बहेगी।”


