सरगुजा : बतौली जनपद के ग्राम पंचायत बालमपुर अंतर्गत ग्राम रतनपुर में ईसाई समाज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय चंगाई सभा (प्रार्थना कार्यक्रम) विवादों में घिर गई। कार्यक्रम के दूसरे दिन ग्रामीणों एवं स्थानीय हिंदू संगठनों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए इसे धर्मांतरण की साजिश करार दिया। देखते ही देखते गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
Chhattisgarh High Court में सुनहरा अवसर: 133 जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू
ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह की सभाओं के जरिए गांव में धार्मिक मतभेद फैलाने और लोगों को बहकाकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही है। कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आयोजकों ने पहले भी इस तरह के कार्यक्रम किए हैं, जिनमें “बीमारों को ठीक करने” के नाम पर लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया गया था। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजन गांव की शांति और सामाजिक एकता के लिए खतरा बन रहे हैं।
चंगाई सभा के विरोध में कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हुए और नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रतिनिधियों ने तहसीलदार बतौली को एक लिखित आवेदन सौंपकर कार्यक्रम पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उनका कहना था कि प्रशासन को ऐसे आयोजनों पर सख्त नजर रखनी चाहिए ताकि धार्मिक सौहार्द बिगड़ने न पाए।


