पटना सिटी में शनिवार की देर रात एक भीषण आग ने तबाही मचा दी। यह आग इलाके के एक प्लास्टिक गोदाम में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर-दूर तक धुआं फैल गया और आसमान में काला गुबार छा गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
कैसे लगी आग?
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना पटना सिटी के मंगलबाग इलाके में हुई, जहां एक बड़ी इमारत के नीचे प्लास्टिक का गोदाम संचालित किया जाता था। देर रात अचानक गोदाम से धुआं उठता देखा गया। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी बढ़ीं कि आसपास के मकानों तक पहुंचने लगीं। लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचते ही आग बुझाने में जुट गई। आग पर काबू पाने में करीब चार घंटे का समय लगा। इस दौरान आसपास के लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन गोदाम में रखा सारा प्लास्टिक सामान जलकर राख हो गया।
दमकल विभाग की कार्रवाई
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। चूंकि गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री थी, इसलिए आग तेजी से फैल गई और उसे काबू में लाने में कठिनाई हुई। आग बुझाने के लिए पटना सिटी, कंकड़बाग और चौक थाना से दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं। करीब एक दर्जन फायरमैन ने मिलकर लगातार पानी और फोम का छिड़काव किया, तब जाकर आग को नियंत्रित किया जा सका।
स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल
आग लगने की घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रात में जब लोगों ने आग की लपटें देखीं, तो तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ लोगों ने पास के अन्य दुकानों से सामान हटाना शुरू कर दिया ताकि नुकसान से बचा जा सके। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और सुरक्षा घेरा बना दिया।
स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया, “रात करीब 12 बजे अचानक धुआं उठता दिखा। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग बहुत तेजी से फैल चुकी थी। दमकल की गाड़ियां आने में करीब आधा घंटा लगा, तब तक पूरा गोदाम जल चुका था।”
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलने के बाद पटना सिटी एसडीओ और फायर ऑफिसर ने मौके का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि गोदाम मालिक से पूछताछ की जा रही है और यह जांच की जाएगी कि क्या गोदाम में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गोदाम में पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण नहीं थे।
लाखों का नुकसान, व्यापारी सदमे में
गोदाम मालिक के अनुसार, वहां लाखों रुपये का प्लास्टिक सामान स्टोर किया गया था, जो पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। अनुमान है कि कुल नुकसान लगभग 15 से 20 लाख रुपये तक का हुआ है। व्यापारी वर्ग ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे गोदामों की नियमित जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


