रायगढ़ : जिले के ग्राम कोलाई बहाल में दो महिलाओं द्वारा एक मजदूर महिला के साथ मारपीट और गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि पड़ोसी महिला और उसकी बेटी ने न केवल उसके साथ गाली-गलौज की, बल्कि बांस के डंडे से हमला कर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद पीड़िता को चोटें आई हैं और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम कोलाई बहाल निवासी महिला रोजी-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। उसने बताया कि 26 अक्टूबर 2025 की शाम करीब 5 बजे वह गांव के पंचायत की पानी टंकी से पानी भरकर वापस घर लौट रही थी। उसी दौरान, जब वह अपने घर के सामने पहुंची, तो पड़ोस में रहने वाली उर्मिला तुर्री और उसकी बेटी बेंगा तुर्री ने उसे रोक लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी।
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पीड़िता के अनुसार, दोनों महिलाओं ने उसे बेवजह उलझाते हुए कहा कि “तू अपने घरवालों से कहकर हमें परेशान करती है।” इसके बाद मां-बेटी ने मिलकर गंदी-गंदी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। बात बढ़ने पर दोनों ने हाथ में बांस का डंडा उठाकर पीड़िता पर हमला कर दिया। हमले में उसे सिर, बाएं जांघ और घुटने के नीचे गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान पीड़िता बेहोश हो गई। बाद में उसे पड़ोसी विश्वम्बर वौहान और उसके पति महेश्वर कुम्भकार ने बेहोशी की हालत में देखा और बचाव कर बीच-बचाव किया। जब पीड़िता को होश आया, तो उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने परिजनों को दी और फिर थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
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घटना की शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी महिलाओं के खिलाफ बीएनएस की धारा 351 (मारपीट), 352 (गाली-गलौज), और 355 (जान से मारने की धमकी) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपी और पीड़िता के बीच पिछले कुछ महीनों से आपसी विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों के बीच पहले भी कहासुनी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बार मामला हिंसा तक पहुंच गया। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपी महिलाओं उर्मिला तुर्री और बेंगा तुर्री से पूछताछ कर रही है। वहीं, घायल महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें और मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे मामलों को समय रहते रोका जा सके।*

