बलरामपुर : लोकआस्था, तप और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के अवसर पर प्रदेश के कृषिमंत्री राम विचार नेताम ने रविवार को बलरामपुर जिले के सेन्दूर नदी स्थित छठ घाट पहुंचकर व्रतियों और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया। इस दौरान उन्होंने छठ व्रतियों से आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके मंगलमय जीवन की कामना की। कृषिमंत्री नेताम ने छठ घाट पर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हुए कहा कि छठ मइया से यही प्रार्थना है कि सभी व्रतियों की मनोकामनाएँ पूर्ण हों और उनके जीवन में सुख, समृद्धि एवं ऊर्जा का प्रकाश सदैव बना रहे। उन्होंने कहा कि छठ पर्व हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो तप, संयम और स्वच्छता के आदर्शों को सिखाता है।
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सेन्दूर नदी के घाट पर इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु एकत्र हुए। महिलाएं पारंपरिक परिधान में सिर पर प्रसाद की डलिया लिए घाट की ओर बढ़ रही थीं। सूर्यास्त के समय ‘जय छठी मइया’ और ‘छठ मइया की जय’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। मंत्री नेताम ने श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए प्रदेश में शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। बलरामपुर जिला प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता के विशेष इंतजाम किए थे। नगर पंचायत और स्वच्छता कर्मियों की टीमों ने दिनभर सफाई अभियान चलाया, वहीं पुलिस बल और महिला सुरक्षा टीमों की तैनाती की गई थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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कृषिमंत्री राम विचार नेताम ने घाट की व्यवस्थाओं की भी सराहना की और कहा कि यह पर्व केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि सूर्यदेव की आराधना मानव जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और नई आशा का संचार करती है। कार्यक्रम के दौरान छठ व्रतियों ने बताया कि वे कई वर्षों से लगातार इस पर्व को पूरे विधि-विधान से मनाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार प्रशासनिक तैयारी और श्रद्धालुओं का उत्साह पहले से अधिक देखने को मिला। सोमवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही चार दिवसीय छठ पर्व का समापन होगा। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने अपने परिवार और प्रदेश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।


