बिहार की राजधानी पटना से एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपियों ने फर्जी कंपनी बनाकर रिक्रूटमेंट एजेंसी के नाम पर भारी ठगी की थी। इस गैंग का ऑफिस पटना के कंकड़बाग इलाके में चल रहा था, जहां से युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर लुभाया जाता था।
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब कई युवाओं ने विदेश में नौकरी नहीं मिलने और पैसे वापस न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। युवाओं ने बताया कि उन्हें कतर, दुबई, ओमान, सऊदी अरब और सिंगापुर में नौकरी दिलाने का वादा किया गया था। इसके बदले उनसे 50 हजार से लेकर 3 लाख रुपये तक वसूले गए।शिकायतों की जांच करते हुए पटना पुलिस ने जब उस कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा, तो वहां न तो कोई वैध दस्तावेज मिला और न ही विदेश मंत्रालय की अनुमति। जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी का नाम, लोगो और वेबसाइट सब फर्जी थे। यहां तक कि कंपनी के “ऑफर लेटर” और “वीजा एप्रूवल लेटर” भी कंप्यूटर पर बनाए गए नकली दस्तावेज थे।
गिरोह का नेटवर्क और ठगी का तरीका
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह ऑनलाइन विज्ञापन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नौकरी के विज्ञापन डालता था।जिन युवाओं को विदेश जाने का शौक था, उनसे ये लोग संपर्क करते और कहते कि उनके पास “डायरेक्ट रिक्रूटमेंट एजेंसी” का चैनल है।
ठगी का तरीका कुछ इस प्रकार था:
1. पहले फोन या ऑनलाइन इंटरव्यू का वादा किया जाता।
2. फिर कहा जाता कि वीजा और कागजात तैयार कराने के लिए प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी।
3. युवाओं से राशि वसूलने के बाद कंपनी के लोग फोन बंद कर देते या ऑफिस खाली कर भाग जाते।
इस गिरोह ने अब तक करीब 150 से ज्यादा युवाओं को शिकार बनाया और अनुमान है कि कुल ठगी की रकम 2 से 3 करोड़ रुपये से अधिक है।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र में चल रहे इस फर्जी रिक्रूटमेंट ऑफिस पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई फर्जी दस्तावेज, पासपोर्ट की कॉपियां, लैपटॉप और बैंक पासबुक बरामद किए हैं।पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि मुख्य सरगना फरार बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क बिहार के अलावा दिल्ली, नोएडा और मुंबई तक फैला हुआ है। जांच में कुछ बैंक खातों और फर्जी वेबसाइट्स के लिंक भी मिले हैं, जिनका उपयोग पैसे ट्रांसफर और ऑनलाइन ठगी के लिए किया जाता था।
फर्जीवाड़े से सावधान रहें, ऐसे पहचानें नकली कंपनियां
विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। यदि कोई कंपनी विदेश में नौकरी देने का दावा करे, तो इन बिंदुओं की जांच जरूर करें: कंपनी के पास भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) से मान्यता प्राप्त लाइसेंस हो। वेबसाइट पर दिखाए गए ऑफर लेटर या वर्क परमिट नंबर की पुष्टि करें। किसी भी कंपनी को कैश में पैसा न दें, केवल ट्रेस योग्य डिजिटल ट्रांजैक्शन करें। संदिग्ध ईमेल आईडी और मोबाइल नंबरों से आने वाले प्रस्तावों पर भरोसा न करें।


